अहम् ब्रह्मास्मि

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Collectionब्रह्मसंग्रह

!! भारतीय ज्ञान और परंपरा का एक प्रगतिशील संग्रहालय  !!

śloka of the day

!! युग - युगांतर से कर्त्तव्य पथ का मार्गदर्शन करने वाले श्लोक !!

tasmād ajñāna-sambhūtaṁ hṛit-sthaṁ jñānāsinātmanaḥ
chhittvainaṁ sanśhayaṁ yogam ātiṣhṭhottiṣhṭha bhārata

Adhyay 4
Shloka 42
इसलिये हे भरतवंशी अर्जुन हृदयमें स्थित इस अज्ञानसे उत्पन्न अपने संशय का ज्ञानरूप तलवार से छेदन करके योग(समता) में स्थित हो जा (और युद्धके लिये) खड़ा हो जा।
Therefore, with the sword of knowledge, cut asunder the doubts that have arisen in your heart. O scion of Bharat, establish yourself in karm yog. Arise, stand up, and take action!

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