भुवन विराजी शारदामहिमा अपरम्पार।
भक्तों के कल्याण कोधरो मात अवतार॥
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
नित गाऊँ मैयानित गाऊँ। x2
मैया शारदा तोरे दरबारआरती नित गाऊँ। x2
श्रद्धा को दीया प्रीत की बातीअसुअन तेल चढ़ाऊँ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
मन की माला आँख के मोतीभाव के फूल चढ़ाऊँ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
बल को भोग स्वांस दिन रातीकंधे से विनय सुनाऊँ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
तप को हार कर्ण को टीकाध्यान की ध्वजा चढ़ाऊँ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
माँ के भजन साधु सन्तन कोआरती रोज सुनाऊ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
सुमर-सुमर माँ के जस गावेचरनन शीश नवाऊँ। x2
दर्श तोरे पाऊँ।
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3
मैया शारदा तोरे दरबारआरती नित गाऊँ। x2
मैया शारदा तोरे दरबार
आरती नित गाऊँ। x3

Sharing Is Karma

Share
Tweet
LinkedIn
Telegram
WhatsApp

More Aarti's

!! भारतीय ज्ञान और परंपरा का एक प्रगतिशील संग्रहालय  !!

Join Brahma

Learn Sanatan the way it is!