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मुझे अपनी शरण में,
ले लो राम ले लो राम,
लोचन मन में जगह ना हो तो,
जुगल चरण में ले लो राम,
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।

जीवन देके जाल बिछाया,
रच के माया नाच नचाया,
चिंता मेरी तभी मिटेगी,
जब चिंतन में ले लो राम,
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।

तुमने लाखों पापी तारे,
मेरी बारी बाज़ी हारे,
मेरे पास ना पुण्य की पूँजी,
पद पूजन में ले लो राम,
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।

घर घर अटकूं दर दर भटकूं,
कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं,
इस जीवन में मिलो ना तुम तो,
मुझे मरण में ले लो राम,
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।

मुझे अपनी शरण में,
ले लो राम ले लो राम,
लोचन मन में जगह ना हो तो,
जुगल चरण में ले लो राम,
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।

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