श्री यमुने पति दास के चिन्ह न्यारे ।
भगवदी को भगवत संग मिलि रहत हैं, जाके हिय बसत प्राण प्यारे ॥१॥
गूढ यमुने बात सोई अब जानही, जाके मनमोहन नैनतारे ।
सूर सुख सार निरधार वे पावहीं, जापर होय श्री वल्लभ कृपा रे ॥२॥

Comments
Sharing Is Karma
Share
Tweet
LinkedIn
Telegram
WhatsApp

श्री यमुने पति दास के चिन्ह न्यारे

श्री यमुने पति दास के चिन्ह न्यारे । भगवदी को भगवत संग मिलि रहत हैं, जाके हिय बसत प्राण प्यारे ॥१॥ गूढ यमुने बात सोई अब जानही, जाके मनमोहन नैनतारे । सूर सुख सार निरधार वे पावहीं, जापर होय श्री वल्लभ कृपा रे ॥२॥

@beLikeBrahma

Join Brahma

Learn Sanatan the way it is!