मिलता हैं सच्चा सुख केवल, शिवजी तुम्हारे चरणों में

Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on whatsapp

मिलता हैं सच्चा सुख केवल,
शिवजी तुम्हारे चरणों में,
यह विनती हैं पल छीन छीन की,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।।

चाहे बैरी सब संसार बने
चाहे जीवन मुझ पर भार बने
चाहे मौत गले का हार बने
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में
मिलता हैं सच्चा सुख केवल
शिवजी तुम्हारे चरणों में
यह विनती हैं पल छीन छीन की
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।।

चाहे अग्नि में मुझे जलना हो
चाहे कांटो पे मुझे चलना हो
चाहे अग्नि में मुझे जलना हो
चाहे कांटो पे मुझे चलना हो
चाहे छोड़ के देश निकलना हो
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में
मिलता हैं सच्चा सुख केवल
शिवजी तुम्हारे चरणों में
यह विनती हैं पल छीन छीन की
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।।

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो
चाहे चारो और अंधेरा हो
चाहे संकट ने मुझे घेरा हो
चाहे चारो और अंधेरा हो
पर मन नही डगमग मेरा हो
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में
मिलता हैं सच्चा सुख केवल
शिवजी तुम्हारे चरणों में
यह विनती हैं पल छीन छीन की
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।।

जिव्हा पर तेरा नाम रहे
तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे
तेरी याद तो आठो याम रहे
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में
मिलता हैं सच्चा सुख केवल
शिवजी तुम्हारे चरणों में
यह विनती हैं पल छीन छीन की
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।।

Explore all Bhajan of Shiv

Comments

Sharing Is Karma

Share on facebook
Share
Share on twitter
Tweet
Share on linkedin
LinkedIn
Share on telegram
Telegram
Share on whatsapp
WhatsApp

Bhajanब्रह्मभजन

IMG_8666

मुझे चरनो से लगा ले

IMG_8687

जब से खाटू आया, खाटूवाला बना मेरा

IMG_8760

बंसीवारा आज्यो म्हारे देस, सांवरी सुरत वारी बेस

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

ग्वालिन

IMG_8762

मैं अरज करुँ

IMG_8681

प्यारा प्यारा अंजनी का लाल

उधो, मन न भए दस बीस

सुदामजीको देखत श्याम हसे

Shiva Shankar Stotra

मन शिव में ऐसे रमा है।

सोभित कर नवनीत लिए

प्रभु, मेरे औगुन न विचारौ

सोभित कर नवनीत लिए

नटवर वेष काछे स्याम

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

सकल सुख के कारन

Shlokब्रह्मश्लोक

Collectionब्रह्मसंग्रह

!! भारतीय ज्ञान और परंपरा का एक प्रगतिशील संग्रहालय  !!

Articlesब्रह्मलेख