लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी

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लिख देना लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी,
एक तो लिखना मात-पिताजी,
लिख देना लिख देना ओ गणपति,
प्यारा सा भैया भी लिख देना,
लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी….

एक तो लिखना साँस ससुरजी,
लिख देना लिख देना ओ गणपति,
प्यारा सजनवा भी लिख देना,
लिख देंना ओ गणपति भाग्य हमारा भी…..

एक तो लिखना बेटा और बेटी,
लिख देना लिख देना ओ गणपति,
बेटे को नौकरिया भी लिख देना,
लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी…….

फिर चाहे लिखना उमरिया,
लिख देना लिख देंना ओ गणपति,
जाऊ सुहागन ही लिख देना,
लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी….

पाप दोष से दूर रहू मैं लिख देना,
लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी….

लिख देना ओ गणपति भाग्य हमारा भी
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Bhajanब्रह्मभजन

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तनक हरि चितवौ जी मोरी ओर

उधो, मन न भए दस बीस

है हरि नाम कौ आधार

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जनम सफल होगा रे बन्दे,मन में राम बसा ले

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

हालरौ हलरावै माता

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

पवित्रा श्री विट्ठलेश पहरावे

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शिवनाथ तेरी महिमा आ

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

रे मन मूरख, जनम गँवायौ

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अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है

अबिगत गति कछु कहति न आवै।

फुलनको महल फुलनकी सज्या फुले कुंजबिहारी

उधो, मन न भए दस बीस

मुरली गति बिपरीत कराई

सोभित कर नवनीत लिए

जय जय श्री बालमुकुंदा

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