इस साल तो चलो लोकडौन हो गया ……पर हर साल हमाई धर्मपत्नी स्कूल का Result जब Declare करती हैं तो First Second Third आने वालों को बाकायदे Stage पे बुला के सम्मानित किया जाता है , बाकायदे Medal पहनाये जाते हैं ……. उनके लिये तालियाँ बजती हैं ……. उनके माँ बाप खुशी से फूले नही समाते …… उनकी छाती मूडी जी के 56 इंच से भी ज्यादा फूल जाती है ।
इस आयोजन के बाद हमेशा मैं अपनी पत्नी से पूछता हूँ …… क्यों करती हो ये आयोजन ??????

अच्छा आप बताइए , Toppers को stage पे बुला के अगर Medal पहनाये जाते हैं तो आखिर अंतिम 3 को stage पर बुला के जूते क्यों नही मारे जाने चाहिए ??????
उनका मुह काला कर पूरे स्कूल में क्यों न घुमाया जाए??????
अगर एक लौंडे ने सबसे ज़्यादा अंक ले के आपका नाम शोहरत बढ़ाई तो सबसे कम अंक लेने वाले ने भी तो आपको कलंकित किया ??????
उसका मुह काला कर जूतों से क्यों न पीटा जाए stage पे ??????

***
इस विमर्श को आगे बढ़ाने से पहले आइये आपको एक कहानी सुनाता हूँ ।
जंगल की कहानी ।
तो हुआ यूं कि जंगल के राजा शेर ने एलान कर दिया कि अब आज के बाद कोई अनपढ़ न रहेगा । हर पशु को अपना बच्चा स्कूल भेजना होगा । राजा साहब का स्कूल पढ़ा लिखा के सबको Certificate बांटेगा …….
सब बच्चे चले स्कूल …… हाथी का बच्चा भी आया , शेर का भी , बंदर भी आया और मछली भी , खरगोश भी आया तो कछुआ भी …… ऊंट भी और जिराफ भी ……
पहला Unit Test हुआ तो हाथी का बच्चा फेल …….
अब हाथी की पेशी हुई स्कूल में …….
मास्टरनी बोली …… साले पैदा करके मुसीबत छोड़ दिये हो मेरे लिये ?????? औलाद पे ध्यान दो ……. फेल हो गए हैं जनाब …… इनके कारण मेरा रिजल्ट खराब होगा ……. तुम्हारे नालायक बेटे के कारण मेरा रिजल्ट खराब हो ये मुझे मंजूर नही ……
किस Subject में फेल हो गया जी ?????
पेड़ पे चढ़ने में फेल हो गया हाथी का बच्चा …….
अब का करें ?????
टीयूसन रखाओ …….कोचिंग में भेजो ……..
अब हाथी की जिनगी का इक्के मक़सद था …….
हमरा बच्चा को पेड़ पे चढ़ने में Top कराना है ……

किसी तरह साल बीता …… Final Result आया तो हाथी ऊंट जिराफ सब फेल हो गए ……. बंदर की औलाद साली first आयी । principal ने Stage पे बुला के मैडल दिया ……. बंदर ने उछल उछल के कलाबाजियां दिखा के गुलाटियां मार के खुशी का इजहार किया …….. उधर अपमानित महसूस कर रहे हाथी ऊंट और जिराफ ने अपने अपने लौंडे कूट दिये …… साले , हेतना महंगे इस्कूल में पढ़ाते हैं तुमको , टिसनी कोचिंग सब लगवाए हैं …….फिर भी साला आज तक तुम पेड़ पे चढ़ना नही सीखे ………
सीखो …….बंदर के लौंडे से सीखो कुछ …..
पढ़ाई पे ध्यान दो …….
फेल हालांकि मछली भी हुई थी …… बेशक़ Swimming में First आयी थी पर बाकी subject में तो फेल ही थी …… मास्टरनी बोली , आपकी बेटी के साथ attendance की problem है …….

मछली ने बेटी को आंखें दिखाई …… बेटी ने समझाने की कोशिश की ……. माँ , मेरा दम घुटता है इस स्कूल में …… मुझे सांस ही नही आती ……
मुझे नही पढ़ना इस स्कूल में ……. हमारा स्कूल तो तालाब में होना चाहिये न ???????

नही , ये राजा का स्कूल है ……. तालाब वाले स्कूल में भेज के मुझे अपनी बेइज्जती नही करानी ।
समाज मे कुछ इज्जत Reputation है मेरी ।
तुमको इसी स्कूल में पढ़ना है ।
पढ़ाई पे ध्यान दो ……

हाथी ऊंट और जिराफ अपने अपने Failure लौंडों को कूटते हुए ले जा रहे थे ……. रास्ते मे बूढ़े बरगद ने पूछा , क्यों कूट रहे हो बे बच्चों को ??????
जिराफ बोला , पेड़ पे चढ़ने में फेल हो गए साले ……

बूढ़ा बरगद बोला , पर इन्हें पेड़ पे चढ़ाना ही क्यों है ??????
उसने हाथी से कहा अपनी सूंड उठाओ और सबसे ऊंचा फल तोड़ लो …….. ऐ जिराफ तुम अपनी लंबी गर्दन उठाओ और सबसे ऊंचे पत्ते तोड़ तोड़ के खाओ …….
ऊंट भी गर्दन लंबी कर फल पत्ते खाने लगा …….

हाथी के बच्चे को क्यों चढ़ाना चाहते हो पेड़ पे ?????
मछली को तालाब में ही सीखने दो न ??????

दुर्भाग्य से आज स्कूली शिक्षा का पूरा Curriculum और Syllabus सिर्फ बंदर के बच्चे के लिये ही Designed है ……. इस स्कूल में 35 बच्चों की क्लास में सिर्फ बंदर ही First आएगा ……. बाकी सबको फेल होना ही है …….
हर बच्चे के लिए अलग Syllabus , अलग subject और अलग स्कूल चाहिये ……..

हाथी के बच्चे को पेड़ पे चढ़ा के अपमानित मत करो …… जबर्दस्ती उसके ऊपर फेलियर का ठप्पा मत लगाओ ……. ठीक है , बंदर का उत्साह वर्धन करो पर शेष 34 बच्चों को नालायक , कामचोर , लापरवाह , Duffer , Failure घोषित मत करो …….

मछली बेशक़ पेड़ पे न चढ़ पाये पर एक दिन वो पूरा समंदर नाप देगी ………

Contd ……क्रमशः ……..

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