अन्य राज्यो को हरियाणा से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है।

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कुछ वर्षों पहले एक ब्रिटिश पर्यटक ने गुरुग्राम की कुछ शानदार तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा था विश्वास नही होता भारत इतना समृद्ध है।

हरियाणा की छवि ऐसी बनाई गई थी मानो वही सारी कुप्रथाओं का गढ़ है मगर आज हरियाणा की एक ही पहचान है कि वो बहुत सम्पन्न और धनाढ्य राज्य है। हरियाणा का क्षेत्रफल भारत का 1.3% है मगर जीडीपी में वो 3.63% का योगदान देता है। आप कहे कि हरियाणा कृषि के कारण अमीर है तो मैं बता दु हरियाणा की अर्थव्यवस्था में कृषि मात्र 16% का योगदान देती है।

इतिहास से ही देखे तो महाभारत से लेकर पानीपत तक सभी छोटे बड़े युद्ध हरियाणा ने देखे है। ये आपदाएं थी जिन्होंने हरियाणा के लोगो को बहुत ताकतवर बना दिया। विदेशों से जब भी हमला हुआ उसे पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के ही लोगो ने सबसे ज्यादा सहन किया।

यही कारण है कि हरियाणा में राष्ट्रवाद चरम पर है, यहाँ घर घर में वीरों की गाथाएं गूंजती है क्योकि सबके घर मे किसी ना किसी पीढ़ी में वीर हुए है और चूंकि लोगो मे राष्ट्रवाद है इसलिए कम्युनिस्ट यहाँ कुछ कर नही पाते और फिर यहाँ के इतिहास की कुछ काली यादे जैसा भ्रूण हत्या, सती प्रथा निकालकर दुष्प्रचार करते रहते है।

राज्य में कम्युनिस्ट नही है इसलिए हरियाणा की सरकारों ने औद्योगिक निर्णय बहुत तेजी से लिये है, 21वी सदी हरियाणा की सबसे स्वर्णिम सदी सिद्ध हुई। 21वी सदी के आरंभ से ही दिल्ली जनसंख्या वृद्धि से तंग हो चुकी थी और दिल्ली के व्यापारी दिल्ली के पास ही एक अलग जमीन देख रहे थे तब हरियाणा सरकार ने देर नही की और फौरन आगे आयी।

उद्यमियों को आसान कीमत पर जमीन मिली और उन्होंने गुड़गांव शहर को निखार दिया और गुड़गांव ही आगे चलकर गुरुग्राम कहलाया, यह वही शहर है जहाँ गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवों और कौरवों को शिक्षा दी थी। उद्यमियों से जमकर टैक्स आने लगा तो सरकार ने शिक्षा पर भी ध्यान दिया आज रोहतक में कई ऐसे स्कूल और कॉलेज आ गए है जहाँ दूर से आकर पढ़ाई करने में लोग गर्व महसूस करते है।

21वी सदी में विकास का एक ही गणित है यदि आपके राज्य में स्किल्ड लेबर है तो विकास भागा भागा आएगा। हरियाणा में हर राज्य के लोग आने लगे और अंततः यहाँ स्किल की कमी कभी नही होती। आज हरियाणा में एशिया का सबसे बड़ा और विश्व का तीसरा सबसे बड़ा 32 लेन का टोल है और ये टोल दिखावे के लिए नही है बल्कि वास्तव में हरियाणा इतना ज्यादा व्यपार कर रहा है।

राज्य के पास इंफ्रास्ट्रक्चर भी था, पैसा भी था और अपने बच्चों को देने के लिये शिक्षा भी। मगर फिर भी एक बड़ा हिस्सा था जो अब तक कुप्रथाओं में लिप्त था, इसे तो सिर्फ समाज ही दूर कर सकता था सरकार नही। आपको हरियाणा के लोगो की प्रशंसा करनी होगी कि वे नौकरी चाकरी में ही नही डूबे उन्होंने अपने टैलेंट को भी बाहर निकाला।

वीर योद्धाओं के वंशज तो है ही, शरीर से हष्ट पुष्ट होने का फायदा उन्होंने ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में उठाया। भारत को कई मेडल दिलाकर हरियाणा ने अपने प्रति पूरी सोच ही बदल डाली।

एक फ़िल्म है एसपी चौहान, मेरा आग्रह है आप सभी अमेजॉन प्राइम पर एक बार यह फ़िल्म जरूर देखें। जिम्मी शेरगिल और युविका चौधरी ने कमाल का अभिनय किया है। एसपी चौहान हरियाणा के ही थे जो कि दिल्ली आकर बड़े बिल्डर बन गए थे, बाद में वे फिर से हरियाणा लौटे और वहाँ के लोगो के लिए प्रशंसनीय कार्य किया।

एसपी साहब जैसे और भी लोग दिल्ली से पैसा कमाकर हरियाणा आये और इन लोगो ने हरियाणा का पूरा कल्चर बदल दिया। हरियाणा की मजबूत संस्कृति में दिल्ली का खुलापन भी आने लगा, ये लोग देश और धर्म के प्रति काफी सजग थे, पाश्चात्य संस्कृति को ठुकराते थे और बड़ी बात यह है कि अन्य लोग भी इनके आदर्शों पर चलने लगे।

अब सीधी सी बात है जिस राज्य में सरकार मजबूत हो, जनता जागरूक और धार्मिक रूप से सशक्त हो वहाँ विकास क्यो नही होगा? ऐसा नही है कि हरियाणा में कोई समस्या ही नही है, अन्य राज्यो की तरह वहाँ भी चोरी डकैती होती है बलात्कार होते है, बेरोजगारी भी है मगर जो असली हरियाणा है वो इन सबसे कही ऊपर है।

हरियाणा भी भूमध्य राज्य है कोई विदेशी सीमा या समुद्र उससे नही लगता पर आज बहुत समृद्ध है, यदि स्वायत्त प्रदेशो की बात करे तो आज गोवा और सिक्किम के बाद हरियाणा के लोग प्रति व्यक्ति आय में सबसे ज्यादा अमीर है।

अब हरियाणा ने अपने विकास रूपी चंदन की सुगंध आसपास भी फैलाना शुरू कर दी है। कई उत्तरी राज्य जैसे पंजाब, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड हरियाणा के वैभव से प्रभावित होकर औद्योगिक मार्ग पर आगे बढ़ गए है।

गुजरात के बाद अब हरियाणा का विकास मॉडल भी देखने योग्य होगा। अन्य राज्यो को हरियाणा से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है। आसान भाषा मे हरियाणा पहले विदेशियों से बचाता था अब कम्युनिस्टों से भी बचाएगा।

लेखक – परख सक्सेना

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