Parenting

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Articlesब्रह्मलेख

• 3 months ago
बच्चे को बुढ़ापे की लाठी ना समझें ! बुढ़ापे की लाठी अगर बनाना है तॊ "बोध" और "जागरण" को बनाएं ! क्योंकि पुत्र वाली लाठी तॊ आपसे पहले भी टूट सकती है ! और आप भी बूढ़े हुए बिना विदा हो सकते हैं ! इसलिए अपने बुढ़ापे की फ़िक्र न करें ,

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• 5 months ago
इस साल तो चलो लोकडौन हो गया ……पर हर साल हमाई धर्मपत्नी स्कूल का Result जब Declare करती हैं तो First Second Third आने वालों...

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Shlokaब्रह्माश्लोक

कन्यादातान्नदाता च ज्ञानदाताभयप्रदः। जन्मदो मन्त्रदो ज्येष्ठभ्राता च पितरः स्मृतः॥

Brahmavaivatra Purana
• Chapter 271
• Shlok 67

जनिता चोपनेता च यस्तु विद्यां प्रयच्छति। अन्नदाता भयत्राता पञ्चैते पितरः स्मृताः।।

Chankya Niti

पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः।
पितरि प्रीतिमापन्ने प्रीयन्ते सर्वदेवताः॥

Padma Purana
• 3 months ago
पन्द्रह अगस्त का दिन कहता – आज़ादी अभी अधूरी है। सपने सच होने बाक़ी हैं, राखी की शपथ न पूरी है॥ जिनकी लाशों पर पग...

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