Parivartan

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Articlesब्रह्मलेख

• 3 days ago
परमात्मा की बनाई इस सृष्टि को कई अर्थों में अदृभुत एवं विलक्षण कहा जा सकता है । एक विशेषता इस सृष्टि की यह है कि...

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• 4 days ago
 पर्यावरण से हमारा जीवन जुड़ा हुआ है और पर्यावरण में ही पंचतत्व ( पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) समाहित हैं, जिनसे मिलकर हमारा शरीर...

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• 5 days ago
Today we have not yet recovered even a quarter of the deeper meaning of the Vedic mantras, much less find the Vedic mantras explained in...

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• 6 days ago
  व्यक्ति के जीवन में परिवार की भूमिका बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है । परिवार में रहकर ही व्यक्ति सेवा, सहकार, सहिष्णुता आदि मानवीय गुणों...

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• 2 weeks ago
कुछ वर्षों पहले एक ब्रिटिश पर्यटक ने गुरुग्राम की कुछ शानदार तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा था विश्वास नही होता भारत इतना समृद्ध है। हरियाणा...

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• 2 weeks ago
इस सप्ताहांत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशिका – क्रिस्टीना जॉर्जीवा – का इंटरव्यू पढ़ रहा था। जॉर्जीवा बुल्गारिया की नागरिक है। साम्यवादी बुल्गारिया में...

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• 2 weeks ago
हमारे एक मित्र हैं । पारंपरिक बिजनिसमैन हैं ……. आजकल दिन रात Online कंपनियों को गरियाते हैं । कहते हैं कि सरकार को इनको Ban...

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• 1 month ago
कोई डर नहीं, कोई फिकर नहीं! नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः।  शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः।। 3.8 श्रीमद्भवगद्गीता। आपके लिए जो निर्धारित कार्य...

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• 1 month ago
मंडी परिषद बाजार राजनीति, भ्रष्टाचार, व्यापारियों और बिचौलिए के एकाधिकार का अखाड़ा हो गया है। देश भर में मंडी परिषद विभिन्न कारणों से किसानों के...

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Shlokaब्रह्माश्लोक

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• 2 months ago
मासूम बच्चों, बूढ़ी औरतों, जवान मर्दों की लाशों के ढेर पर चढ़कर जो सत्ता के सिंहासन तक पहुंचना चाहते हैं उनसे मेरा एक सवाल है...

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• 2 months ago
कवि आज सुना वह गान रे, जिससे खुल जाएँ अलस पलक। नस–नस में जीवन झंकृत हो, हो अंग–अंग में जोश झलक। ये – बंधन चिरबंधन...

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• 2 months ago
माँ के सभी सपूत गूँथते ज्वलित हृदय की माला। हिन्दुकुश से महासिंधु तक जगी संघटन-ज्वाला। हृदय-हृदय में एक आग है, कण्ठ-कण्ठ में एक राग है।...

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• 2 months ago
आओ फिर से दिया जलाएँ भरी दुपहरी में अँधियारा सूरज परछाई से हारा अंतरतम का नेह निचोड़ें- बुझी हुई बाती सुलगाएँ। आओ फिर से दिया...

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