अच्छेद्योऽयमदाह्योऽयमक्लेद्योऽशोष्य एव च।
नित्यः सर्वगतः स्थाणुरचलोऽयं सनातनः।।

Acchedyoyam adaahyoyam akledyo shoshya eva cha ;
Nityah sarvagatah sthaanur achaloyam sanaatanah.

0
0

"क्योंकि यह आत्मा अच्छेद्य है,यह आत्मा अदाह्य,अक्लेद्य और निः संदेह अशोष्य है तथा यह आत्मा नित्य,सर्वव्यापी,अचल,स्थिर रहने वाला और सनातन है।।"

Share this Shlok
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram

Trending Shloka

Latest Shloka in our Sangrah

Collectionब्रह्मसंग्रह

!! भारतीय ज्ञान और परंपरा का एक प्रगतिशील संग्रहालय  !!