दानेन भुतानि वशीभवन्ति दानेन वैराण्यपि यान्ति नाशम्।
परोऽपि बन्धुत्वमुपैति दानैर्दान हि सर्वव्यसनानि हन्ति॥

dānena bhutāni vaśībhavanti dānena vairāṇyapi yānti nāśam|
paro’pi bandhutvamupaiti dānairdāna hi sarvavyasanāni hanti||

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दान से सभी प्राणी वश होते है; दान से बैर (शत्रुताओं) का नाश होता है। दान से शत्रु भी भाई बन जाता है; दान से सभी व्यसनों का नाश होता है॥

A charity can subdue any creature, a charity can eliminate enemies and make them allies. A charity indeed is the cure for all bad things.

दान करने से प्राणी अपने वश में हो जाते है, दान करने से वैर भाव का नाश हो जाता है। दान करने से पराया व्यक्ति भी अपना बंधू बन जाता है। दान करने से समस्त व्यसनों और बुरी आदतों का विनाश हो जाता है। भावार्थ यह है की दान करने से व्यक्ति में निहित समस्त दोषो का अंत हो जाता है।।

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