धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः ⁠।
तस्माद् धर्मं न त्यजामि मा नो धर्मो हतोऽवधीत् ⁠।⁠।⁠

dharm ev hato hanti dharmo rakshati rakshitah । tasmaaddharmo na hantavyo ma no dharmo hatovadheet ।।

23
7

धर्म का लोप कर देने से वह लोप करने वालों का नाश कर देता है और रक्षित किया हुआ धर्म रक्षक की रक्षा करता है। इसलिए धर्म का हनन कभी नहीं करना चाहिए, जिससे नष्ट धर्म कभी हमको न समाप्त कर दे।

यदि धर्मका नाश किया जाय, तो वह नष्ट हुआ धर्म ही कर्ताको भी नष्ट कर देता है और यदि उसकी रक्षा की जाय, तो वही कर्ताकी भी रक्षा कर लेता है। इसीसे मैं धर्मका त्याग नहीं करता कि कहीं नष्ट होकर वह धर्म मेरा ही नाश न कर दे ⁠।⁠।⁠

जो पुरूष धर्म का नाश करता है, उसी का नाश धर्म कर देता है, और जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी धर्म भी रक्षा करता है । इसलिए मारा हुआ धर्म कभी हमको न मार डाले, इस भय से धर्म का हनन अर्थात् त्याग कभी न करना चाहिए ।

Share this Shlok
or

Know more about your Dev(i)

Trending Shloka

Manu Smriti

धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः ⁠।
तस्माद् धर्मं न त्यजामि मा नो धर्मो हतोऽवधीत् ⁠।⁠।⁠

dharm ev hato hanti dharmo rakshati rakshitah । tasmaaddharmo na hantavyo ma no dharmo hatovadheet ।।

धर्म का लोप कर देने से वह लोप करने वालों का नाश कर देता है और रक्षित किया हुआ धर्म रक्षक की रक्षा करता है। इसलिए धर्म का हनन कभी नहीं करना चाहिए, जिससे नष्ट धर्म कभी हमको न समाप्त कर दे।
यदि धर्मका नाश किया जाय, तो वह नष्ट हुआ धर्म ही कर्ताको भी नष्ट कर देता है और यदि उसकी रक्षा की जाय, तो वही कर्ताकी भी रक्षा कर लेता है। इसीसे मैं धर्मका त्याग नहीं करता कि कहीं नष्ट होकर वह धर्म मेरा ही नाश न कर दे ⁠।⁠।⁠
जो पुरूष धर्म का नाश करता है, उसी का नाश धर्म कर देता है, और जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी धर्म भी रक्षा करता है । इसलिए मारा हुआ धर्म कभी हमको न मार डाले, इस भय से धर्म का हनन अर्थात् त्याग कभी न करना चाहिए ।

@beLikeBrahma

website - brah.ma

Join Brahma

Learn Sanatan the way it is!