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गुणैरुत्तमतां याति नोच्चैरासनसंस्थितः।
प्रासादशिखरस्थोऽपि काकः किं गरुडायते॥

guṇairuttamatāṃ yāti noccairāsanasaṃsthitaḥ|
prāsādaśikharastho’pi kākaḥ kiṃ garuḍāyate||

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राजमहाल कि उंचाई पर बैठने से कौवा गरुड नही हो जाता. उसी तरह एक व्यक्ति के मूल्य, उसकी महानता उसके स्थान या स्थिति द्वारा निर्धारित नहीं होती बल्की उनके गुणों द्वारा निर्धारित होती है.

उत्तमता गुणों से आती है, न कि ऊँचे स्थान से। कौआ महल के शिखर पर बैठकर गरुड नहीं बन जाता।

One achieves greatness because of one’s qualities, not because of a high position. Even is placed at the top of the palace. a crow does not become an eagle

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