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जानीयात्प्रेषणे भृत्यान्बान्धवान् व्यसनागमे ।
मित्रं चापत्तिकालेषु भार्यां च विभवक्षये ॥11ll

Jānīyātprēṣaṇē bhr̥tyānbāndhavān vyasanāgamē. Mitraṁ cāpattikālēṣu bhāryāṁ ca vibhavakṣayē.

नौकर की परीक्षा तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन न कर रहा हो, रिश्तेदार की परीक्षा तब करें जब आप मुसीबत मे घिरें हों, मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों मे करें, और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे।

Test a servant while in the discharge of his duty, a relative in difficulty, a friend in adversity, and a wife in misfortune.

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Chankya Niti

जानीयात्प्रेषणे भृत्यान्बान्धवान् व्यसनागमे ।
मित्रं चापत्तिकालेषु भार्यां च विभवक्षये ॥11ll

Jānīyātprēṣaṇē bhr̥tyānbāndhavān vyasanāgamē. Mitraṁ cāpattikālēṣu bhāryāṁ ca vibhavakṣayē.

नौकर की परीक्षा तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन न कर रहा हो, रिश्तेदार की परीक्षा तब करें जब आप मुसीबत मे घिरें हों, मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों मे करें, और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे।
Test a servant while in the discharge of his duty, a relative in difficulty, a friend in adversity, and a wife in misfortune.

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