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नदीतीरे च ये वृक्षाः परगेहेषु कामिनी ।
मन्त्रहीनाश्च राजानः शीघ्रं नश्यन्त्यसंशयम् ॥15ll

Nadītīrē ca yē vr̥kṣāḥ paragēhēṣu kāminī. Mantrahīnāśca rājānaḥ śīghraṁ naśyantyasanśayam

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नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर में जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा – ये सब निश्चय ही शीघ्र नष्ट हो जाते हैं।

Trees on a river bank, a woman in another man’s house, and kings without counsellors go without doubt to swift destruction.

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