पश्यादित्यान्वसून्रुद्रानश्विनौ मरूतस्तथा।
बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि भारत।।

pashyaadityaanvsunrudraanashvinau marutastthaa।
bahunyadriashtpurvaani pashyaashcharyaani bhaarat।।

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हे भरतवंश अर्जुन ! तू मुझमें आदित्यो को अर्थात अदिति के द्वादश पुत्रों को , आठ वस्तुओं को, एकादश रूद्र को , दोनों अश्विनीकुमार को ओर उनचास मरूद्गणो को देख तथा और भी बहुत से पहले न देखें हुए आश्चर्यमय रूपों को देख ।।

ମୋ ଠାରେ ଅଦିତିଙ୍କ ଦ୍ବାଦଶ ପୁତ୍ର ଅଷ୍ଟ କୁ ଏକାଦଶ ରୁଦ୍ର ଅଶ୍ବିନୀ କୁମାର ଦ୍ବୟ ଅଣଚାଷ ମରୁତ ତଥା ଆଗରୁ ଦେଖି ନଥିବା ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟମୟ ମୋର ରୂପ ଗୁଡିକ ଦେଖ ।।

Behold in me , O scion of the Bharatas, the (twelve ) sons of Aditi the ( eight) vasus , the ( eleven ) Rudra , the ( twin ) Ahswini Kumar's ,as well as the (forty- nine ) maruts and many more Marvel's never revealed before .

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