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पक्षिणः काकश्चण्डालः पशूनां चैव कुक्कुरः ।
मुनीनां पापश्चण्डालः सर्वचाण्डालनिन्दकः ॥

pakṣiṇaḥ kākaścaṇḍālaḥ paśūnāṃ caiva kukkuraḥ |
munīnāṃ pāpaścaṇḍālaḥ sarvacāṇḍālanindakaḥ ||

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Among birds the crow is vile; among beasts the dog; the ascetic whose sins is abominable, but he who blasphemes others is th e worst chandala.

पक्षीयों में कौवा नीच है. पशुओ में कुत्ता नीच है. जो तपस्वी पाप करता है वो घिनौना है. लेकिन जो दूसरो की निंदा करता है वह सबसे बड़ा चांडाल है.

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