Badrinath

Badrinath

Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on whatsapp

श्री बद्रीनाथ जी की आरती

पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम् । निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम् । वेद

Read  ➜