Brahma
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Parasnath Prabhu Ki Aarti

Also known as: Parasnath Prabhu Aarti

Parasnath Prabhu Aarti

daily aarti·jain·bhakti
4 verses
VERSE 0

पारसनाथ प्रभु, पारसनाथ प्रभु हम सब उतारें थारी आरती पारसनाथ-पारसनाथ हम सब उतारे थारी आरती हो…

VERSE 1

धन्य धन्य माता वामा देवी हो देख-देख लाल को हरषायें खेले जब गोद में, खुशी तीनो लोक में खुशियों से भरी ये है आरती-

VERSE 2

पारसनाथ हम सब उतारे थारी आरती विश्वसेन के लाल भले हो दर्शन से पाप नशते हो अनुपम छवि सोहे, आनन्द अति देवे श्रद्धा से आरती के बोल-बोल-बोल-बोल पारसनाथ प्रभु, पारसनाथ प्रभु आज उतारे हम।

VERSE 3

तुम पारस हो प्रभु जी मैं हूँ लोहा छू लो छू लो मुझे बन जाऊँ सोना भक्ति से भरी मेरी आरती पारसनाथ प्रभु, पारसनाथ प्रभु आज उतारे हम।