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अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानि च ।
वञ्चनं चापमानं च मतिमान्न प्रकाशयेत् ॥

arthanāśaṃ manastāpaṃ gṛhe duścaritāni ca |
vañcanaṃ cāpamānaṃ ca matimānna prakāśayet ||

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A wise man should not reveal his loss of wealth, the vexation of his mind, the misconduct of his own wife, base words spoken by others, and disgrace that has befallen him.

एक बुद्धिमान व्यक्ति को निम्नलिखित बातें किसी को नहीं बतानी चाहिए .. १. की उसकी दौलत खो चुकी है. २. उसे क्रोध आ गया है. ३. उसकी पत्नी ने जो गलत व्यवहार किया. ४. लोगो ने उसे जो गालिया दी. ५. वह किस प्रकार बेइज्जत हुआ है.

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