ददाति प्रतिगृह्णाति गुह्यमाख्याति पृच्छति।
भुङ्क्ते भोजयते चैव षड्विधं प्रीतिलक्षणम्।।

dadāti pratigṛhṇāti guhyamākhyāti pṛcchati|
bhuṅkte bhojayate caiva ṣaḍvidhaṃ prītilakṣaṇam||

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देना, लेना, एक-दूसरे के रहस्य बताना, रहस्य के बारे में कुछ भी पूछना, खाना और खिलाना — ये छह प्रेम के संकेत हैं।

Giving (things), accepting (something in return), sharing secrets, asking (private questions), dines (along) and (invites to) offer food– these are the six signs of friendship.

अर्थात सखा वह है जो देता है, लेता है, पूछता है, बताता है, खाता है, खिलाता है।

गीता दर्शन -अखण्डानन्द सरस्वती
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