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गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम् ।
प्रासादशिखरस्थोऽपि काकः किं गरुडायते ॥

guṇo bhūṣayate rūpaṃ śīlaṃ bhūṣayate kulam |
prāsādaśikharastho’pi kākaḥ kiṃ garuḍāyate ||

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Moral excellence is an ornament for personal beauty; righteous conduct, for high birth; success for learning; and proper spending for wealth.

नीति की उत्तमता ही व्यक्ति के सौंदर्य का गहना है. उत्तम आचरण से व्यक्ति उत्तरोत्तर ऊँचे लोक में जाता है. सफलता ही विद्या का आभूषण है. उचित विनियोग ही संपत्ति का गहना है.

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