काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः ।
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः ॥

kāśyaśca paramēṣvāsaḥ śikhaṇḍī ca mahārathaḥ.
dhṛṣṭadyumnō virāṭaśca sātyakiścāparājitaḥ৷৷

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The great archer the King of Kasi, the great fighter Sikhandi, Dhrstadyumna, Virata and the unconquerable Satyaki all from their respective locations blew their conchshells.

श्रेष्ठ धनुष वाले काशिराज और महारथी शिखण्डी एवं धृष्टद्युम्न तथा राजा विराट और अजेय सात्यकि, राजा द्रुपद एवं द्रौपदी के पाँचों पुत्र और बड़ी भुजावाले सुभद्रा पुत्र अभिमन्यु- इन सभी ने, हे राजन्‌! सब ओर से अलग-अलग शंख बजाए॥

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