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न पश्यति च जन्मान्धः कामान्धो नैव पश्यति ।
मदोन्मत्ता न पश्यन्ति अर्थी दोषं न पश्यति ॥

na paśyati ca janmāndhaḥ kāmāndho naiva paśyati |
madonmattā na paśyanti arthī doṣaṃ na paśyati ||

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Those born blind cannot see; similarly blind are those in the grip of lust. Proud men have no perception of evil; and those bent on acquiring riches see no sin in their actions.

जो जन्म से अंध है वो देख नहीं सकते. उसी तरह जो वासना के अधीन है वो भी देख नहीं सकते. अहंकारी व्यक्ति को कभी ऐसा नहीं लगता की वह कुछ बुरा कर रहा है. और जो पैसे के पीछे पड़े है उनको उनके कर्मो में कोई पाप दिखाई नहीं देता.

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