नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥

namo devyai mahādevyai śivāyai satataṃ namaḥ|
namaḥ prakṛtyai bhadrāyai niyatāḥ praṇatāḥ sma tām||

उन देवी को नमन है जो देवियों की देवी है, जो शिव की प्रिया हैं उन देवी के हम शरणागत हैं, उन्हें वंदन हैं, जो सृष्टि में प्रकृति स्वरूप में व्याप्त हैं और जो मंगलदायिनी हैं

We bow to the Goddess, to the Great Goddess, to the energy of infinite goodness. We prostrate, with hands together, to Nature, to the excellent one.

Share this Shlok
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram

Trending Shloka

Latest Shloka in our Sangrah

A futuristic Library of Bhartiye Wisdom.

Brahma is building the biggest open-source collection of eternal Bhartiye Gyan in all forms. If you are enlightened do join our team of change-makers.

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥

namo devyai mahādevyai śivāyai satataṃ namaḥ|
namaḥ prakṛtyai bhadrāyai niyatāḥ praṇatāḥ sma tām||

उन देवी को नमन है जो देवियों की देवी है, जो शिव की प्रिया हैं उन देवी के हम शरणागत हैं, उन्हें वंदन हैं, जो सृष्टि में प्रकृति स्वरूप में व्याप्त हैं और जो मंगलदायिनी हैं
We bow to the Goddess, to the Great Goddess, to the energy of infinite goodness. We prostrate, with hands together, to Nature, to the excellent one.

@beLikeBrahma