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निर्गुणस्य हतं रूपं दुःशीलस्य हतं कुलम् ।
असिद्धस्य हता विद्या ह्यभोगेन हतं धनम् ॥

nirguṇasya hataṃ rūpaṃ duḥśīlasya hataṃ kulam |
asiddhasya hatā vidyā hyabhogena hataṃ dhanam ||

Beauty is spoiled by an immoral nature; noble birth by bad conduct; learning, without being perfected; and wealth by not being properly utilised

निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है

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Chankya Niti

निर्गुणस्य हतं रूपं दुःशीलस्य हतं कुलम् ।
असिद्धस्य हता विद्या ह्यभोगेन हतं धनम् ॥

nirguṇasya hataṃ rūpaṃ duḥśīlasya hataṃ kulam |
asiddhasya hatā vidyā hyabhogena hataṃ dhanam ||

Beauty is spoiled by an immoral nature; noble birth by bad conduct; learning, without being perfected; and wealth by not being properly utilised
निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है

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