सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

siṃhāsanagatā nityaṃ padmāśritakaradvayā|
śubhadāstu sadā devī skandamātā yaśasvinī||

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स्कंदमाता, जो कार्तिकेय के साथ सिंह पर सवार हैं, अपने दो हाथों में कमल और एक हाथ में वरमुद्रा धारण किए हुए हैं। ऐसी मां स्कंदमाता मुझे शुभता अर्थात् कल्याण प्रदान करें।

Skandmata, who rides on Lion with Kartikeya, holds a lotus in her two hands and Varmudra in one hand, be propitious to me.

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