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वरं न राज्यं न कुराजराज्यं
वरं न मित्रं न कुमित्रमित्रम् ।
वरं न शिष्यो न कुशिष्यशिष्यो
वरं न दार न कुदरदारः ॥

varaṃ na rājyaṃ na kurājarājyaṃ
varaṃ na mitraṃ na kumitramitram |
varaṃ na śiṣyo na kuśiṣyaśiṣyo
varaṃ na dāra na kudaradāraḥ ||

It is better to be without a kingdom than to rule over a petty one; better to be without a friend than to befriend a rascal; better to be without a disciple than to have a stupid one; and better to be without a wife than to have a bad one.

एक बेकार राज्य का राजा होने से यह बेहतर है की व्यक्ति किसी राज्य का राजा ना हो. एक पापी का मित्र होने से बेहतर है की बिना मित्र का हो. एक मुर्ख का गुरु होने से बेहतर है की बिना शिष्य वाला हो. एक बुरीं पत्नी होने से बेहतर है की बिना पत्नी वाला हो.

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Chankya Niti

वरं न राज्यं न कुराजराज्यं
वरं न मित्रं न कुमित्रमित्रम् ।
वरं न शिष्यो न कुशिष्यशिष्यो
वरं न दार न कुदरदारः ॥

varaṃ na rājyaṃ na kurājarājyaṃ
varaṃ na mitraṃ na kumitramitram |
varaṃ na śiṣyo na kuśiṣyaśiṣyo
varaṃ na dāra na kudaradāraḥ ||

It is better to be without a kingdom than to rule over a petty one; better to be without a friend than to befriend a rascal; better to be without a disciple than to have a stupid one; and better to be without a wife than to have a bad one.
एक बेकार राज्य का राजा होने से यह बेहतर है की व्यक्ति किसी राज्य का राजा ना हो. एक पापी का मित्र होने से बेहतर है की बिना मित्र का हो. एक मुर्ख का गुरु होने से बेहतर है की बिना शिष्य वाला हो. एक बुरीं पत्नी होने से बेहतर है की बिना पत्नी वाला हो.

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