Brahma
Verses · Meaning · Recitation · Details

Mahavir Ji Ki Aarti

Also known as: Mahavir Ji Aarti

Mahavir Ji Aarti

daily aarti·jain·bhakti
7 verses
VERSE 0

जय महावीर प्रभो! स्वामी जय महावीर प्रभो! जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥ॐ॥

VERSE 1

कुण्डलपुर में जन्में, त्रिशला के जाये। पिता सिद्धार्थ राजा, सुर नर हर्षाए॥ ॐ॥

VERSE 2

दीनानाथ दयानिधि, हैं मंगलकारी। जगहित संयम धारा, प्रभु परउपकारी॥ ॐ॥

VERSE 3

पापाचार मिटाया, सत्पथ दिखलाया। दयाधर्म का झण्डा, जग में लहराया॥ ॐ॥

VERSE 4

अर्जुनमाली गौतम, श्री चन्दनबाला। पार जगत से बेड़ा, इनका कर डाला॥ ॐ॥

VERSE 5

पावन नाम तुम्हारा, जगतारणहारा। निसिदिन जो नर ध्यावे, कष्ट मिटे सारा॥ ॐ॥

VERSE 6

करुणासागर! तेरी महिमा है न्यारी।। ज्ञानमुनि गुण गावे, चरणन बलिहारी॥ ॐ॥