Brahma
Verses · Meaning · Recitation · Details

Shantinath Bhagwan Ki Aarti

Also known as: Shantinath Bhagwan Aarti

Shantinath Bhagwan Aarti

daily aarti·jain·bhakti
6 verses
VERSE 0

शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे।

VERSE 1

आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे शांतिाथ भगवान…

VERSE 2

हस्तिनापुर में जनम लिये हे प्रभु देव करे जयकारा हो । जन्म महोत्सव करें कल्याणक, नाचे झूमे गाये हो ॥ ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे। शांतिनाथ भगवान…

VERSE 3

धन्य है माता ऐरा देवी तुम्हें जो गोद उठाईं है । विश्वसेन के कुलदीपक ने ज्ञान की ज्योति जगाई है । ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान…

VERSE 4

पंचम चक्रवर्ती पद पाये, जग सुख बढा अपार था । द्वादस कामदेव अति सुन्दर जग में बढा ही नाम था । ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान…

VERSE 5

शांति नाथ प्रभु शांति प्रदाता शुचिता सुख अपार दो । जनम-मरण दुःख मेटो प्रभुजी लेना शरण में आप हो । ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे।