...
Background

maiya kabhahu badhegi choti

0
0

Change Bhasha

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥ तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी। काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी भुई लोटी॥ काचो दूध पियावति पचि पचि देति न माखन रोटी। सूरदास त्रिभुवन मनमोहन हरि हलधर की जोटी॥

Buy Latest Products

Built in Kashi for the World

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः