...
Background

mana toye bhule bhakti bisari

0
0

Change Bhasha

मन तोये भुले भक्ति बिसारी मन तो ये भुले भक्ति बिसारी । शिरपर काल सदासर सांधत देखत बाजीहारी ॥ध्रु०॥ कौन जमनातें सकृत कीनो मनुख देहधरी । तामे नीच करम रंग रच्यो दुष्ट बासना धरी ॥ मन० ॥१॥ बालपनें खेलनमें खोयो जीवन गयो संग नारी । वृद्ध भयो जब आलस आयो सर्वस्व हार्यो जुवारी ॥ मन०॥२॥ अजहुं जरा रोग नहीं व्यापी तहांलो भजलो मुरारी । कहे सूर तूं चेत सबेरो अंतकाल भय भारी ॥ मन०॥३॥

Buy Latest Products

Built in Kashi for the World

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः