...
Background

more laya lagi gopalase

0
0

Change Bhasha

मोरे लय लगी गोपालसे मेरा काज कोन करेगा। मेरे चित्त नंद लालछे॥ध्रु०॥१॥ ब्रिंदाजी बनके कुंजगलिनमों। मैं जप धर तुलसी मालछे॥२॥ मोर मुकुट पीतांबर शोभे। गला मोतनके माल छे॥३॥ मीराके प्रभु गिरिधर नागर। तुट गई जंजाल छे॥४॥

Buy Latest Products

Built in Kashi for the World

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः