brah.ma Logoपरिवर्तनं भव

Loading...

Bhagavad Gita 3

नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः। शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः।।

niyataṃ kuru karma tvaṃ karma jyāyo hyakarmaṇaḥ। śarīrayātrāpi ca te na prasiddhyedakarmaṇaḥ॥

0
0

तू शास्त्रविधिसे नियत किये हुए कर्तव्य-कर्म कर; क्योंकि कर्म न करनेकी अपेक्षा कर्म करना श्रेष्ठ है तथा कर्म न करनेसे तेरा शरीर-निर्वाह भी सिद्ध नहीं होगा।

- Swami Ramsukhdas

Hindi Translation

तू शास्त्रविहित कर्तव्यकर्म कर; क्योंकि अकर्म की अपेक्षा कर्म श्रेष्ठ है तथा अकर्म से तो तेरा शरीर-निर्वाह भी सिद्ध नहीं होगा ।

Hindi Translation

आपके लिए जो निर्धारित कार्य है, उसे मन-बुद्धि लगाकर मनोयोगपूर्वक करो। क्योंकि कर्म न करने की अपेक्षा कर्म करना ही सबसे बढ़िया मार्ग है। और अगर कर्म नहीं करोगे तो जीवनयात्रा-शरीर का निर्वाह करना भी असंभव हो जाएगा।

Hindi Translation

Do thou perform thy bounden duty for action is superior to inaction and even the maintenance of the body would not be possible for thee by inaction

English Translation

ନିୟତ କର୍ମ ବା ଶାସ୍ତ୍ର ସମ୍ମତ କର୍ତବ୍ୟ କର୍ମ କରିବା ଉଚିତ କାରଣ କର୍ମ ହୀନ ହେବା ଅପେକ୍ଷା କର୍ମ କରିବା ଶ୍ରେଷ୍ଟତର ତେଣୁ କର୍ମ ନ କଲେ ଶରୀର ରକ୍ଷା ଅସମ୍ଭବ

Odia Translation

Latest Added Shlok

Shloka Sangrah

Dive deep into the ocean of Shlokas which will give you spiritual and mental benefits.

The Trending ones

Discovering the Power of Shlokas for Inner Peace and Spiritual Enlightenment from our refined list.

Shloka on Guru

Discovering the Essence of Guru through the Timeless Wisdom of Shlokas

Top 10 Shloka on Yoga

Dwell deep into the essence of yoga with these shlokas.

Buy Latest Products

Built in Kashi for the World

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः