नाभिषेको न संस्कार: सिंहस्य क्रियते मृगैः ।
विक्रमार्जितराज्यस्य स्वयमेव मृगेंद्रता॥

nābhiṣeko na saṃskāra: siṃhasya kriyate mṛgaiḥ |
vikramārjitarājyasya svayameva mṛgeṃdratā||

3
0

सिंह को जंगल का राजा घोषित करने के लिए ना कोई अभिषेक किया जाता है और ना कोई संस्कार किया जाता है। वह अपने गुणों एवं पराक्रम से स्वयं ही वनराज अर्थात जंगल के राजा का पद प्राप्त करता है।

सिंह को जंगल का राजा नियुक्त करने के लिए न तो कोई अभिषेक किया जाता है, न कोई संस्कार । अपने गुण और पराक्रम से वह स्वयं ही मृगेन्द्रपद प्राप्त करता है ।

There is no official coronation (RaajyaBhishek) ceremony held or any samskara performed to declare that Lion is the king of the jungle. He becomes king by his own attributes and heroism ('Parakram').

Share this Shlok
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram

Trending Shloka

Latest Shloka in our Sangrah