Verses · Meaning · Recitation · Details
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Jeen Mata Ki Aarti
Also known as: Jeen Mata Aarti
Jeen Mata Aarti
daily aarti·folk·bhakti
7 verses
VERSE 0
ॐ जय श्री जीण माता, जय श्री जीण माता। जो ध्यावत जग झंझट, उसका कट जाता ।। ॐ जय।।
VERSE 1
रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि न्यारी। सिर पर छत्र लसत है, राजत महतारी ।। ॐ जय।।
VERSE 2
कर कंगन, मुख बेसर, गल माला सोहे। मस्तक बिंदिया दमके, मुनि जन मन मोहे ।। ॐ जय।।
VERSE 3
उमा रमा है तू ही, ही ब्रह्माणी। सिंह वाहिनी तू ही, महिमा जग जानी ।। ॐ जय।।
VERSE 4
झांझ मृदंग नगारों की ध्वनि अति प्यारी। दर्शन कर मैया के हर्षित नर नारी ।। ॐ जय।।
VERSE 5
जय अम्बे महामाया, जय मंगल करणी। वरदायिनी जय जननी, जय जय अघ हरणी ।। ॐ जय।।
VERSE 6