अहम् ब्रह्मास्मि

विश्वगुरु भारत की चेतना को विश्व पटल पर जोड़ने के लिए १ चतुर्मुखी उद्यम

Collectionब्रह्मसंग्रह

!! भारतीय ज्ञान और परंपरा का एक प्रगतिशील संग्रहालय  !!

Topicsविषय

Brahma

Aham

Brahma

Dharma

Brahma

Hindu

Brahma

Dharm

Brahma

Jivan

Brahma

Parivartan

Brahma

Samaaj

Brahma

Sanskriti

Brahma

Karma

Brahma

Bharat

Brahma

Rashtra

Brahma

Brahmaand

śloka of the day

!! युग – युगांतर से कर्त्तव्य पथ का मार्गदर्शन करने वाले श्लोक !!

na devo vidyate kāṣṭhe na pāṣāṇe na mṛṇmaye |
bhāve hi vidyate devastasmādbhāvo hi kāraṇam ||

Adhyay 8
Shloka 12
न ही लकड़ी या पत्थर की मूर्ति में , न हि मिट्टी में देवता का निवास होता है,अपितु देवता का निवास तो भावों यानि हृदय में होता है,अतः भाव हि सर्वोपरि कारण है, (हृदय में ही देवता का निवास है.)
God can not be found in a wood piece, stone or a mud idol. It is the belief that makes us feel the presence of God. Hence, only the feeling matters – not the material.
देवता न तो काष्ट (लकडी ) की न पत्थर की और न मिट्टी की मूर्ति में रहते हैं | यह तो भक्तों की भावना है जिस से वे इन मूर्तियों में देवता की उपस्थिति मान कर उनको पूजते हैं | अतः यह भावना ही पूजा करने का प्रमुख कारण है |

Articlesब्रह्मलेख

चिंतनशील लेखक, प्रगतिशील लेख